हर इंसान ठहरने को नहीं होता कुछ लोगों का काम होता है बहना  और वो‌ बहाव होता है सतत् ।एक जगह टिकने क…

मनुष्य का मूल प्रेम करने से शुरू होता है लेकिन अगर मनुष्य एक मनुष्य से प्रेम नहीं कर सकता तो फिर व…

जो पीड़ा नहीं जानते ,वो आस्था नहीं जानते जो भावनाएं नहीं जीते,वो जीवन नहीं जानते जो  है मन से मजबूत …

पीड़ाओं को लिए शब्द लिखते समय  एक हूक सी उठती है दिल में जिसे मैं कभी लिख नहीं सकती  सच तो ये है ना प…

दर्प

दर्प की एक बड़ी चुनौती स्वयं उसकी खुद से भी रही है दरअसल वो बड़ा अस्तित्वविहीन रहा है जिससे कहा जा …

तथाकथित मौन

मस्तिष्क सदैव युद्धरत रहा  गंवारपन और बुद्धिजीवी होने के मध्य  एक ओर वो बुद्धिजीवियों का साथ  चाहता त…

स्मृति

कहते है स्मृतियो को कभी मोक्ष नसीब नही होता... वो रहती है हमेशा  अतृप्त होकर नही मिलता कोई  तैरने की जम…

चांद के साथ

युं तो हमारे जिंदगी मे अंत जैसा कुछ नही .... एक ओट होता है जिसके अंधेरे मे सब छिप जाता है हमारा हो…

प्रेम में एकनिष्ठ पुरुष

प्रेम मे जी रहा एकनिष्ठ पुरूष द्वेष करता है प्रियतमा के तन पर अलंकृत  आभूषणों से जो आलिंगन कर रहे श्र…

बेटियां

बेटियाँ बड़ी प्यारी होती हैं  मानसिक रूप से हमें ऐसा परिवेश मिला है पीढ़ी दर पीढ़ी की हम जन्मते बच्च…

स्त्रीत्व पर आघात

स्त्रीत्व पर  आघात पश्चात स्त्री  महज स्त्री शेष नहीं बचती  वो हो जाती है स्त्री व पुरुष संयुक्त  तथा न…

पाती सांवरिया के नाम❤️😍

प्रिय कन्हाई , मैया मेरी कामनाएं स्वीकारी होगी और आशावान्वित हूं कि तुम यूंही चिरयौवनी होंगे  पिछले…

विकट युद्ध

जब इतिहास मे कहीं धर्म युद्ध  का उल्लेख होगा  किसी पन्ने मे अंकित मिलेगा  मेरे जीवन का वो विकटयुद्ध भी …

मेरे कृष्णा

माधव  मेरे हिस्से मे तुम हो तप रही संवेदना का भार तुम उठा रहे सून रहे जग की टेर ,नैनो से बुझा रहे …

बस यूंही

मैं हरबार रो पड़ती जब देखती किसी बुढ़े के साथ  उसके रोटी के कौर के बंटवारे को अनायास एक विरक्ति छा जात…

छठ--हमार प्रकृति माई के पूजा(बिहार) ❤️

हेलो!" "हां, बबुआ, कब आ रहे हो, प्लेन पकड़ लिए का। यहां केतना बजे तक आ जाओगे?  छोटका तुमको…

अपरिभाषित नेह❤️

याद है तुमको हर बच्चे की तरह तुम रोये नही थे पगले ,भले ही तम अब मेरे एक डांट पर गंगा यमुना बहाने लग…

प्रेम में स्त्री ❤️

एक स्त्री मात्र हृदय नही चुराती वो चुरा लेती है संपूर्ण पुरूष को.... उसके स््त्रीत्व का अधिपत्य हृ…

पिता❤️

पिता संतान के लिए सर्वश्रेष्ठ संरक्षक होता है ,पहला वो शख्स हमारे जीवन का जिसे आपसे प्रतिस्पर्धा नह…

भारतीय समाज की पुरूष संस्कृति 💙

सृष्टि जब रची गयी तब संभवतः पुरूषों की सृजन पर ईश्वर के हाथ का दाब अधिक रहा होगा जो आज भी उनके जीवन…