पिता❤️
पिता संतान के लिए सर्वश्रेष्ठ संरक्षक होता है ,पहला वो शख्स हमारे जीवन का जिसे आपसे प्रतिस्पर्धा नही होती उस रक्त का कण कण ये कामना रखता है कि उसकी संतान उससे बेहतर जीवन जिये और अनुभवों के तौर पर सीखाता है कि जो जीवन वो जिया आप ना जियें..वो पिता है,आकाश की तरह विशाल और सागर की तरह गहरा भी जहां आकाश मे बादल गरज तो जाते है लेकिन वहां भी भला ही होता है हमारे सुखापन को कम करने के लिए... दुनिया मे सारे पापा वर्ल्ड के बेस्ट पापा नही होते है कुछ पिता होते है जो बरगद के विशाल पेड़ की तरह होते है जिनका व्यक्तित्व और अस्तित्व इतना उंचा होता है कि वो बोनसाई के पौधे वाले पिता नही बन पाते कभी.......उनकी चिंता और परवाह उनके डांटो मे होती है वो ये नही कहते कि "यू आर बेस्ट बेटा" क्योंकि वो ग्रामीण पिता है उनके लिए बेटा या बेटी हमेशा बेस्ट है और बच्चों को भी पता है कि दुसरे पापा तो आयेगे नही इसलिए बिना best_n_best ....कहने की जरूरत नही पड़ी ...पिता जान रहे होते है कि बाप है हम उसके जायेगा तो जायेगा कहां?और सच मे बाप तो बाप होता है उसका स्थान कोई नही ले पाता जीवन मे चाहे वो आपका प्रेमी हो या पति ... पिता पौरूष का संकेत है और संतान मे कर्मनिष्ठ होने का इसलिए सर्वाधिक दबाव वही देता है शायद इसलिए वो पिता है
क्योंकि उसके पास अनंत क्षमता है जिम्मेदारी वहन करने की......
और पिता की मुक्ति संतान है
संतान अगर सभी जिम्मेदारियों का बोझ पिता के कंधे से उतार लेता है तो यही सच्चे अर्थों मे मुक्ति होंती है
पिता वो है जिसे आप अपने नाक मे देख सकते है या बात करने के हाव भाव , अपने रूचि- अरूचि मे देख सकते है ..... पिता संपूर्णता है वो कहीं भी दिख सकते हैं .... तभी तो शास्त्र पिता , गुरु , ज्येष्ठ भाई , सखा , पति और कभी कभी पुत्र मे भी पिता का भाव दिखाता है...
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